तमिलनाडु की राजनीति में धमाकेदार एंट्री करने वाले टीवीके प्रमुख और सीएम पद के दावेदार थलपति विजय कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। साल 2015 के एक पुराने टैक्स विवाद को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में दायर याचिका को आधिकारिक तौर पर क्रमांकित (नंबरिंग) कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने की मांग की गई है।

दरअसल, याचिकाकर्ता एम। राजकुमार ने हाईकोर्ट से अपील की है कि आयकर विभाग को निर्देश दिए जाएं कि वह विजय के खिलाफ सभी दस्तावेज प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपे, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जांच हो सके। साथ ही उन्होंने विजय के खिलाफ IPC की धारा 420, 467, 470, 471 और 120B समेत अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज करने और पूर्ण जांच कराने की मांग की। जिस पर अब मद्रास हाईकोर्ट के रजिस्ट्री ने बुधवार (6 मई 2026) को औपचारिक रूप से नंबर दे दिया है। याचिका जल्द ही ‘मेंटेनेबिलिटी’ (For Maintainability) के अंतर्गत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने वाली है।

ये मामला विजय की फिल्म ‘पुलि’ के रिलीज के वक्त का है। 30 सितंबर 2015 को आयकर विभाग ने थलपति विजय के परिसरों पर छापा मारा था। छापेमारी में आयकर की टीम ने कुछ आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए थे, जिनमें दावा किया गया कि फिल्म के निर्माता पी।टी। सेल्वकुमार और शिबू (SKT स्टूडियोज) ने विजय को 16 करोड़ रुपये चेक से और अतिरिक्त 4।93 करोड़ रुपये नकद में दिए थे।

शुरुआत में विजय ने नकद राशि लिए जाने की बात स्वीकार की थी और अतिरिक्त 15 करोड़ रुपये की आय घोषित कर मामले को निपटाने की कोशिश की। हालांकि, आयकर विभाग का कहना है कि ये खुलासा केवल छापे के बाद ही हुआ। इसी वित्तीय हेराफेरी को आधार बनाकर अब उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की मांग की जा रही है।

बता दें कि  याचिका मार्च 2025 में दायर की गई थी, लेकिन रजिस्ट्री ने इसे नंबर करने से इनकार कर दिया था। पर 8 अप्रैल 2026 को चीफ जस्टिस सुषरुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी। अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने रजिस्ट्री को (मेंटेनेबिलिटी के अधीन) याचिका नंबर करने का निर्देश दिया था। हालांकि, अभी तक इस मामले में टीवीके प्रमुख विजय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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